टेस्ट क्रिकेट की पांच सबसे धीमी पारियां

राहुल द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट धीमी पारी

क्रिकेट का सबसे लंबा व सबसे पुराना फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट बेहद रोमांचक रिकॉर्ड्स से भरा पड़ा हुआ है। इस प्रारूप में खिलाड़ी के धैर्य का परिचय होता है, जिसमें उसकी तकनीक, स्ट्रोकप्ले, कंट्रोल और क्षमता का असली टेस्ट होता है। इस प्रारूप में कई बार बल्लेबाजों को अपने स्वभाव के विपरीत भी बल्लेबाजी करनी पड़ी है और टीम के हित को सर्वोपरि रखना पड़ा है। इस खास लेख में हम आपको टेस्ट क्रिकेट की पांच सबसे धीमी पारियों के बारे में बता रहे हैं। जो बेहद ऐतिहासिक हैं-

राहुल द्रविड़, 96 गेंदों में 12 रन

भारत के दिग्गज क्रिकेट व द वॉल के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ने अपने 16 वर्ष के क्रिकेटिंग सफर में 10 हजार से ज्यादा टेस्ट व वनडे रन बनाए हैं। साल 2007 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट की बेहद धीमी पारी खेली थी। उन्होंने 96 गेंदों में 12 रन बनाए थे, जिसकी मदद से टीम इंडिया ने ओवल टेस्ट मैच को ड्रॉ करवा लिया था। भारत ने पहली पारी में 664 रन बनाए थे।

एबी डिविलियर्स 244 गेंदों में 25 रन

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने साल 2015 में भारत के खिलाफ दिल्ली टेस्ट मैच में 244 गेंदों का सामना करते हुए 25 रन की पारी खेली थी। हाशिम अमला और एबी डिविलियर्स ने मैच को बचाने के लिए बेहद धीमी बल्लेबाजी की, लेकिन रवींद्र जडेजा ने उन्हें चलता किया। जिसकी मदद से टीम इंडिया ने मुकाबला 337 रन से जीत लिया।

यशपाल शर्मा, 157 गेंदों में 13 रन

भारत के यशपाल शर्मा ने सन् 1981 में हुए एडिलेड टेस्ट मैच में 157 गेंदों में 13 रन की पारी खेली थी। भारत को पहली बार विश्व चैंपियन बनाने वाली टीम का हिस्सा रहे, यशपाल शर्मा ने इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट मैच में 140 रन की पारी खेली थी। एडिलेड टेस्ट मैच में उनकी ये धीमी पारी टीम इंडिया के लिए लाभकारी रही थी और मैच ड्रॉ हो गया था।

हनीफ मोहम्मद, 223 गेंदों में 20 रन

पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज हनीफ मोहम्मद ने इंग्लैंड के खिलाफ सन् 1954 में लॉर्ड्स टेस्ट मैच में 223 गेंदों में 20 रन की पारी खेली थी। उनकी इस पारी के बदौलत पाकिस्तान की हार टल गई थी और मैच ड्रॉ हुआ था। हनीफ मोहम्मद ने सन् 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बारबडोस टेस्ट मैच में समय के हिसाब से टेस्ट क्रिकेट की सबसे लंबी 970 मिनट की पारी खेली थी। जिसमें उन्होंने 337 रन बनाए थे।

ज्यॉफ एलॉट, 77 गेंदों में 0 रन

सन् 1999 के विश्वकप में न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान देने वाले बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज ज्यॉफ एलॉट के नाम टेस्ट क्रिकेट का ये खास रिकॉर्ड दर्ज है। इसी वर्ष न्यूजीलैंड के दौरे पर दक्षिण अफ्रीका आई थी। जहां ऑकलैंड टेस्ट मैच में एलॉट ने फॉलोआन बचा रही कीवी टीम के लिए 77 गेंद तक विकेट पर जमे रहे हैं। हालांकि वह अपना खाता नहीं खोल पाए और डक पर जैक्स कैलिस की गेंद का शिकार हुए।

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