आपको हैरान कर देंगे क्रिकेट के यह अजीबोगरीब रिकॉर्ड्स

क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें कोई भी खिलाड़ी मैदान के भीतर उतना ही उग्र खेल दिखाने का हुनर रखता है जितना कि वह मैदान के बाहर शांत दिखता है। मैदान में जब बल्लेबाज और गेंदबाज खेलने के लिए क्रीज पर आते हैं तो चौके छक्कों की बारिश होना या फिर विकेट की झड़ी लगना आम बात है। लेकिन इसी दौरान कब यह क्रिकेटर महान रिकॉर्ड बना देते हैं। जिसका अंदाजा इन्हें खुद भी नहीं रहता। क्रिकेट में कुछ ऐसे ही अजीबो-गरीब रिकॉर्ड्स बने हैं। ऐसे ही पांच रिकॉर्ड्स के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं-

इस रिकॉर्ड में अपने जिगरी दोस्त से पीछे रह गए सचिन

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सचिन को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है क्योंकि वह जब मैदान में खेलने के लिए उतरते थे तो रिकॉर्ड खुद-ब-खुद बन जाते थे। यही कारण है कि क्रिकेट से जुड़ा कोई भी रिकॉर्ड सचिन के नाम से ही शुरू होता है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सचिन एक मामले में अपने जिगरी दोस्त यानी विनोद कांबली से पीछे रह गए थे। दरअसल विनोद कांबली ने भले ही कम समय के लिए क्रिकेट  खेला लेकिन अपने टेस्ट करियर में उन्होंने सचिन से ज्यादा औसत हासिल किया। कांबली ने अपने करियर में 17 टेस्ट मैचों में 54.20 की औसत से 1084 रन बनाए हैं। वहीं सचिन ने 200 टेस्ट मैचों में 53.78 की औसत से 15921 रन बनाए हैं।

चोट के कारण कभी मैच नहीं छोड़ा

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क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी के लिए उसकी फिटनेस बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती है क्योंकि बिना उसके वह खेल ही नहीं सकता। लेकिन आपको यह सुनकर ताज्जुब होगा कि भारत में एक ऐसा भी खिलाड़ी हुआ है जिसने कभी भी चोटिल होने के कारण क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा। वह हर एक मैच में टीम में मौजूद रहे। इनका नाम है भारत को 1983 में पहला विश्वकप दिलाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव। कपिल देव के बारे में कहा जाता है कि जब कभी उन्हें खेलते हुए चोट लगती थी, तो वह उस अवस्था में भी मैच खेलते थे। उन्होंने अपने करियर में एक भी मैच नहीं छोड़ा। कपिल देव ने अपने करियर में 131 टेस्ट मैच और 225 वनडे मैच खेले।

52 साल की उम्र में बल्लेबाज़ी

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आज के समय में जहां ज्यादातर क्रिकटर्स 35 साल की उम्र पार करते ही संन्यास के बारे में सोचने लगते हैं। वहीं इंग्लैंड के विलप्रेड रोड्स दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेटर थे। जिनके नाम सबसे ज्याद उम्र में टेस्ट क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड है। विलफ्रेड ने अपने करियर का अंतिम टेस्ट मैच 52 साल 165 दिन की उम्र में खेला था।

पांच दिन तक की थी लगातार बल्लेबाज़ी

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टेस्ट क्रिकेट में कोई भी बल्लेबाज ज्यादा से ज्यादा दो दिन या फिर तीन दिन तक बल्लेबाज़ी कर सकता है लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि किसी बल्लेबाज ने लगातार पांच दिनों तक टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज़ी की हो। आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह संभव कैसे होगा। आपको बता दें कि यह बिल्कुल सच है। एमएल जयसिम्हा दुनिया के पहले ऐसे क्रिकेटर थे। जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में लगातार पांच दिनों तक बल्लेबाज़ी की थी। वहीं टेस्ट क्रिकेट में अब तक 9 बल्लेबाज ऐसा कर चुके हैं। जिनमें से तीन बल्लेबाज तो भारत के ही हैं।

टेस्ट क्रिकेट में पहली ही गेंद पर जड़ दिया छक्का

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क्रिकेट में जब अजीबोगरीब रिकॉर्ड की बात की जाए और उसमें वेस्टइंडीज के क्रिस गेल का नाम न आए ऐसा तो हो ही नहीं सकता। क्रिस गेल के नाम वैसे कई सारे रिकॉर्ड दर्ज हैं लेकिन उनके नाम एक अजीबोगरीब रिकॉर्ड भी दर्ज है। दरअसल क्रिस गेल दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने टेस्ट मैच की पहली ही गेंद पर छक्का लगाया है।